Thursday, 28 April 2016

कहो! आओगे न

जब डूबेगा सूरज ,
होगी सुरमयी रात ,
तो ख्वाबों में नही ,
करने असल में मुलाक़ात ,
कहो!
आओगे न ...

जब दबी रह जायेगी ,
दिल में दिल की बात ,
तो लेकर हाथों में हाथ ,
सुनने मुझे ,
कहो !
आओगे न ...

प्रियतम यूँ बैठ अटरिया पर ,
देख आसमां में चाँद ,
जब याद करूंगी तुम्हे ,
तो लगा स्नेह के पंख ,
कहो !
आओगे न ...

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