बेटियां
गणित किताबों से नही सीखती
ये तो उन्हें उम्र सिखा देती है
वो जानती है
जोड़ कर सपने अपने
किसी और की ख्वाहिशों से
बढ़ जाती है खुशियां ...
वो जानती है
अपने हिस्से की चॉक्लेट
भाई को देने से
बच जाएंगे
कोई दस-बीस रुपये
और माँ ला सकेगी
एक पहर की तरकारी ...
बेटियां अच्छे से जानती है
अपने सपनो को दबा
वो कम कर देंगी
एक कदम स्वर्ग की सीढ़ी का
और बाबा की चिंता
घट जाएगी बस कन्यादान से ....
बेटियां सारी उम्र
सीखती है गणित
अपनी चाहतों को घटाकर
सबकी खुशियों को बढ़ाने का
और अंत मे
फिर ये शिक्षा देदेती है
अपनी बेटियों को ....
बेटियां
रिश्तों का गणित
पीढ़ी दर पीढ़ी ,
सौंपती जाती है
गणित
और आप कहते है
बेटियां डरती रहती है
गुणा-भाग से ...
©ज्योति