Monday, 11 July 2016

कहो आओगे न-4

जब टूट रहे होंगे ख्वाब मेरे ,
बह रही होगी अश्रुधार ,
तो बन एक नया स्वप्न,
जीवन में मेरे ,
कहो आओगे न ...

जब ख़त्म होगी ज़िंदगी ,
छुटेगा साँसों से साथ ,
तो देने कंधा ,
मेरे जनाजे को ,
कहो आओगे न ...

जब शुरू होगा नया अध्याय ,
बदलेगी मेरी दुनिया ,
तो बन कर मेरी चाह ,
उस जन्म में भी ,
कहो आओगे न ....