Sunday, 24 April 2016

प्रेम

हाँ ,
प्रेम है मुझे ,
प्रेम इन पन्नों से ,
प्रेम इस स्याही से ,
जो अक्सर बयां कर देते है ,
मेरे अनकहे जज़्बात ।
हाँ,
प्रेम है मुझे ,
प्रेम इन सपनो से ,
प्रेम इन रातो से ,
जिनमे कहती हूँ मै ,
तुमसे दिल की बात ।
हाँ ,
प्रेम है मुझे ,
प्रेम है तुमसे ,
प्रेम है मुझसे ,
बोलो ,
और कितना प्रेम चाहिए ....

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