न जानू मैं न जाने तू,
छिपाया था जिसे अब तक ,
वो बाहर आया क्यूँ ,
हम तो पत्थरदिल थे ,
ये दिल आखिर पिघला क्यूँ ,
बंज़र हो चुकी इन आंखों से ,
कैसे बह निकला आंसू ......
छिपाया था जिसे अब तक ,
वो बाहर आया क्यूँ ,
हम तो पत्थरदिल थे ,
ये दिल आखिर पिघला क्यूँ ,
बंज़र हो चुकी इन आंखों से ,
कैसे बह निकला आंसू ......
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