सुनो अभी आये हो ,
थोड़ा ठहर कर जाना ,
बहुत सी बातें करनी है ,
हा तुमसे बातें करनी है ,
जानते हो कितना कतराती थी ,
मै तुमसे बात करने में ,
अक्सर दूर से देख ,
पलट जाती थी कही और ,
डरती थी कही देख न लो ,
और पूछ न लो ,
अपने सवालों का जवाब ,
पर अब डरती नही मै ,
इंतज़ार करती हूँ तुम्हारा ,
तुम आओ और हम बात करे ,
जानते हो क्यूँ ,
क्यूंकि अब तुम्हारे सवाल ,
खाने के टेबल में बदल चुके है ,
और मेरे जवाब ,
बन चुके है तुम्हारे ,
ऑफिस से आने के इंतज़ार में ...
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